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Sunday, August 18, 2019

हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी और सुकेती खड़ में बाढ़ से मंडी में कोहराम, हाई अलर्ट घोषित

3:06 AM 0

मंडी को वैसे तो छोटी काशी कहा जाता है लेकिन बावजूद इसके भी हमेशा या यूँ कहे कि हर साल बरसात में तबाही मच जाती है। हर साल की तरह इस साल भी आज यानि 18 अगस्त को पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से आज सुकेती खड़ और ब्यास में भारी उफान था। जिस से काफी नुकसान हो गया कुछ गाड़ियां भी बह गई और कुछ मंदिरो में पानी घुस गया। मंजर ऐसा था की मंदिर यानी जो सबकी रक्षा करते है उनकी रक्षा भी हमको करनी पड़ रही थी। आप वीडियो में नजारा देख सकते है



बाकी ऐसे मंजर होते रहेंगे क्यूंकि दोष हमारा ही है। जब तक हम इन विषयों पर नहीं सोचेंगे तब तक हमको ये सहते ही रहना होगा।











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Thursday, August 8, 2019

मानसून के मौसम में खाना जरा देख कर खाएं, फ़ूड पॉइजनिंग हो सकती है

8:44 PM 0

तो चलो भइया, काफी लम्बे इंतजार के बात मानसून ने अपना काम शुरू कर दिया है वो भी जोरो शोरो से।

बोले तो पिछले 48 घंटे से लग रहा है कि अब बारिश हो रही है। कुछ एक Dialouge है जो लगभग हर आदमी बोलता है :-

  • भाई बारिश हो रही है चलो चाय पकोड़े खाते है //
  • अरे इतना अच्छा मौसम है बिस्तर में बैठ कर कुछ खाते है //

  • मतलब मामला सारा है खाने से सम्बंधित। लोग इस मौसम में खाने के बड़े शौक़ीन होते है लेकिन शायद भूल जाते है की सबसे ज्यादा बीमारियां भी इसी मौसम में आते है। यदि हम बैक्टीरिया की बात करे तो वो सबसे ज्यादा सक्रिय इसी मौसम में होते है। चलिए आप बीमार न हो इसमें छोटा सा अपना योगदान देते है नीचे देखिये वो खाने के option जो आपको खाने चाहिए :-

  • मसालेदार खाने से बचें :-
    प्यारे foodie लोगों मुझे मालूम है बरसात में सबसे ज्यादा आपका मन चटपटा तथा मसालेदार व तला हुआ खाना खाने को करता है। लेकिन अगर हमें किसी प्रकार समस्या से बचना है तो इस ऐसे चटपटे खाने के आस पास मंडराना ठीक नहीं क्यूंकि आजकल गंदे पानी, बैक्टीरिया तथा वायरस के कारन स्किन की समस्या बढ़ जाती है तथा इस तरह का खाना आपके रक्तसंचार और शरीर के तापमान को बढ़ा देता है जिस से एलेर्जी बढ़ने का खतरा है।

  • छाछ या लस्सी:-
    छाछ या लस्सी को अक्सर हम गर्मी को मौसम में इस्तेमाल करते है लेकिन बरसात के मौसम में इस तरह के तरल पदार्थों के सेवन से हमे बचना चाहिए क्यूंकि इसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा है जो पेट की समस्याओं को बढ़ा सकता है।

  • बाहर के खाने को avoid करें
    इस मौसम में थोड़ी सी मेहनत अगर अपनी रसोई में की जाये तो बेहतर होगा। हम अक्सर आजकल बाहर खाना खाने चले जाते है जो हमारी सेहत बिगाड़ सकता है क्यूंकि बाहर के खाने से बैक्टीरिया तथा वायरस के इन्फेक्शन बढ़ने का खतरा है।

  • न लें चाय कॉफी:-
    अगर आप चाय कॉफी से बच सको तो वो बेहतर होगा मुझे मालूम है आपका मन शाम के 5 बजे रिमझिम बारिश के बिच चाय पकोड़े खाने को करता है लेकिन, लेकिन
    भाई साहब मन मसोसकर बैठ जाइये और घर के सामने तुलसी के पते लाकर उबालिये। उसका पानी पीजिये जो आपको संक्रमण से बचाएगा।

  • उबला हुआ पानी पिए:-
    ऐसे मौसम में हमे पानी के प्रति बड़े सेंसिटिव होना चाहिए क्यूंकि अक्सर बीमारियां पानी से ही ज्यादा लगती है आजकल। पानी को उबाल कर पियें जिस से वो आपको गले के संक्रमण से भी बचाएगा। और ऐसी सब्जियां खाएं जिसमे पानी की प्रचुर मात्रा हो सकें तो बेमौसमी सब्जियां खाने से बचे।

  • अदरक लहसुन का सुप:-
    शरीर में पानी की कमी को पूरा करने व इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए गर्म सूप पीना सबसे कल्याणकारी होगा। आप अदरक और लहसुन का सूप ले सकते है इस से आपकी पाचन शक्ति भी मजबूत होगी।

  • विटामिन सी से भरपूर फल:
    विटामिन सी हमारे इम्म्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है जो हमको बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। जितना ज्यादा हो सके हो आजकल खाने में निम्बू मौसमी, नाशपाती, तथा संतरा शामिल करें।


  • भाप में पकी सब्जियां करें शामिल:-
    आजकल हमको सब्जियों को भाप में पकाकर खाने से बहुत लाभ होगा। वैसे हम सलाद को अक्सर लेते है लेकिन कच्ची सब्जियां बरसात में एक अच्छा ऑप्शन नहीं है।

  • तो ये सब फ्री ज्ञान की बातें थी लेनी हो तो ले लो बाकी आपकी मर्जी।

  • Isi prakar ki kuch or gyan ki baaton ke liye aap humare sath jude rahen.









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    Thursday, June 20, 2019

    बस दुर्घटना से बंजार घाटी में मातम, मृतकों की संख्या अर्धशतक की ओर

    10:14 AM 0

    मौसम ने अभी बरसात आने के संकेत देने शुरू ही किये थे की पहाड़ों में हादसों की बोहनी हो गई। अब हादसों के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहराना हमारा मकसद नहीं लेकिन पहाड़ों में बारिशों में हादसों की संख्या बढ़ जाती है। वैसे हादसों की संख्या तो हर रोज दिन की शुरुआत में ही परोसे जाने वाले अख़बारों में कोई कम नहीं होती लेकिन जब बात एक हादसे की हो और संख्या पहाड़ी पर बसे एक गांव की जनसँख्या के बराबर।
    जहाँ क्रिकेट विश्व कप में डेविड वार्नर ने बांग्लादेश की धुलाई कर शतक लगाया वहीँ कुल्लू की बंजार घाटी में एक दुर्घटना में मृतकों की संख्या अर्धशतक लगाने के करीब है।

    हम बात कर रहे है बंजार घाटी में हुए एक सड़क हादसे की जिसने आज घाटी के लगभग 40 घरों में अँधेरा फैला दिया। मिली जानकारी के अनुसार आज दिन के तीसरे पहर बंजार से गाड़ा गुशैणी जाने वाली महावीर बस बंजार के निकट भियोट मोड़ पर लगभग 500 मीटर की गहरी खाई में समा गई। हादसे की भयावहता का अनुमान हम बस की स्थिति से लगा सकते है।


    इस बस में लगभग 70-80 लोग सवार थे। कॉलेजों में प्रवेश के चलते ज्यादातर विद्यार्थी बस में मौजूद थे। बस की स्थिति खटारा के लगभग थी और छत पर सवार होने की भी बातें है।

    मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संवेदना जताई है और तुरंत डॉक्टर की टीम भेज दी ताकि घायलों के इलाज में कोई कमी न रहे लेकिन स्थिति ऐसी है कि घायल व्यक्ति लगभग न के बराबर है।


    प्रथम दृष्टि से दुर्घटना का कारण ओवरलोड लग रहा है लेकिन कारण और भी हो सकते है।


    इस वक़्त घायलों के अच्छे स्वास्थय की दुआ और मृतकों के प्रति सवेंदनाओं के सिवा हमारे पास कोई चारा नहीं। कृपा करके मृतकों के क्षित विक्षित शवों के फोटो शेयर न करें। हाथ जोड़कर विनंती है।




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